Thursday, April 7, 2011

हर दिन......थोड़ा थोड़ा

हर दिन बढती तो हूँ मैं,
थोड़ा थोड़ा
अपनी गलतियों से !

हर दिन कुछ नया सीखती तो हूँ मैं,
थोड़ा थोड़ा
अपने छोटो और बड़ो से !

हर दिन हँसती तो हूँ मैं,
थोड़ा थोड़ा
अपनी नादानियों पे !

हर दिन रोती भी हूँ मैं,
थोड़ा थोड़ा
अपने नाकामयाबियों पे !

हर दिन यह सोचती हूँ मैं,
थोड़ा ज्यादा
क्या यही ज़िंदगी है ?